गोहर (मंडी)। एमडीआर 76 शिमला-मंडी वाया तत्तापानी सड़क शनिवार को एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गई। चैलचौक के समीप बाढू क्षेत्र में पहाड़ी दरकने से मार्ग तीन घंटे तक पूरी तरह अवरुद्ध रहा। बार-बार गिरते मलबे और चट्टानों के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोक निर्माण विभाग ने दो जेसीबी मशीनें मौके पर भेजकर कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को बहाल किया। यह मार्ग पिछले एक सप्ताह से लगातार संवेदनशील बना हुआ है।
बाढू के समीप पहाड़ी से बार-बार भारी मलबा और चट्टानें गिर रही हैं जिससे यातायात में बार-बार प्रभावित हो रहा है। शनिवार दोपहर बाद 2:00 बजे अचानक भूस्खलन हुआ और सड़क पूरी तरह मलबे में तबदील हो गई। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस रुकावट के चलते मंडी, चैलचौक, करसोग, रोहांडा, बाढू और शिमला की ओर जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्यापारिक आपूर्ति करने वाले वाहन भी जाम में फंसे रहे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई शुरू की। दो जेसीबी मशीनों ने करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। हालांकि मौके पर अब भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। विभाग ने यहां चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं और ड्राइवरों को सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि यहां पर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि हर बारिश में सड़क बंद होने जैसी समस्या से निजात मिल सके। लगातार हो रहे भूस्खलन ने यह साबित कर दिया है कि यह इलाका अति संवेदनशील भू-भाग में आता है और यहां स्थायी दीवार या जाली लगाना बेहद जरूरी है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विशाल चौधरी ने बताया सड़क मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।