बग्गी( मंडी) । जल शक्ति विभाग के बग्गी डिवीजन में कथित गड़बड़झाले की जांच तेज हो गई है। सतर्कता विभाग की टीम मामले की गंभीरता के मध्यनजर अब ग्राउंड रिपोर्ट की जांच कर रही है। कागजों में जो करोड़ों रुपये के कार्य दर्शाए गए हैं, धरातल पर इनका क्या स्टेटस है। सतर्कता विभाग की टीम अब बारीकी से इसकी जांच कर रही है। कागजों में जो करोड़ों रुपये के सप्लाई के आर्डर गए हैं, उनकी वास्तविकता की भी सतर्कता विभाग की टीम जांच कर रही है। हकीकत में क्या यह सप्लाई डिवीजन में पहुंची है या नहीं, इस बात की भी जांच हो रही है। सतर्कता विभाग की टीम की रडार पर जल शक्ति विभाग के बग्गी डिवीजन के तहत पंपिंग मशीनरी के कार्य हैं। इसके लिए जांच एजेंसी ने रिकॉर्ड तलब किया है। सतर्कता विभाग ने वर्ष 2020 से 2024 तक की डैमेज रिपोर्ट मुहैया करवाने के संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए हैं। इससे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
बता दें कि गत वर्ष जल शक्ति विभाग के इस डिवीजन में नियमों को ताक पर रखकर कार्य करने की शिकायत मिलने पर विभाग का यह मंडल कार्यालय सतर्कता विभाग की जांच के दायरे में है। पिछले एक वर्ष से सतर्कता विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है और कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। उन्हीं के आधार पर अब धरातल पर जमीनी हकीकत जानने की तैयारी चल रही है। मामले में सतर्कता विभाग की जांच पूरी होने पर ही इस बात का खुलासा होगा कि वास्तविकता क्या है।
जल शक्ति विभाग के बग्गी डिवीजन में हुए गड़बड़झाले की जांच की जा रही है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
-कुलभूषण, एसपी, विजिलेंस मंडी