मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के समापन पर रविवार को देवी-देवताओं ने एक दूसरे से मिलन कर विदाई ली। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। इससे पहले शहर के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ मंदिर परिसर चौहटा में जातर सजी। इस दौरान सभी देवी-देवता विराजमान हुए। ऐसा लगा कि स्वर्ग लोक धरती पर उतर आया हो। सुबह 7:00 बजे से ही चौहटा में देवी-देवताओं के दर्शनों के लिए लोगों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। देखते ही देखते चौहटा और इसके आस पास लोगों का जन सैलाब उमड़ आया। बुजुर्ग और अन्य देवी-देवताओं को चढ़ावे के रूप में पैसे और अन्य सामान भेंट करते नजर आए। दोपहर होने तक चौहटा में इस तरह का नजारा रहा।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतिम दिन चौहटा में जातर सजती है। अधिकतर देवी-देवता इस स्थान पर विराजमान होकर लोगों को दर्शन देते हैं। जातर के बाद देवी-देवता वापस अपने धाम लौट जाते हैं। उनके साथ ही हजारों देवलू भी सात दिनों के बाद वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाचते गाते विदा हुए। जातर में लोगों ने देवी-देवताओं के आगे माथा टेक कर आशीर्वाद लिया। चौहटा से लेकर उपायुक्त कार्यालय मार्ग पर पीपल के पेड़ तक देवी देवता 12 बजे तक विराजमान रहे। इसके बाद अपने परिजनों की तरह देवी-देवता भी एक दूसरे से मिलकर एक साल के लिए जुदा हुए। इस दौरान हर साल की तरह लोगों को हलवा भी बांटा गया।
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