बारिश का कहर : पंडोह डैम के समीप फोरलेन कैंची मोड़ भारी बारिश से पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। यहा
मंडी। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पंडोह से लेकर मनाली तक तीन सेक्शन में करीब 40 से अधिक जगहों पर फोरलेन को भारी बारिश, भूस्खलन व ब्यास नदी में आई बाढ़ ने तबाही मचाई है। कुछ जगहों पर यातायात चल रहा है। जबकि कुछ जगहों पर यातायात बाधित है। एनएचएआई ने पंडोह से लेकर मनाली तक नुकसान का जायजा ले लिया है। अब फोरलेन पर पहले से प्रस्तावित सुरक्षा दीवार को रिडिजाइन करके सड़क मार्ग को सुरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है।
पंडोह से टकोली बाइपास सेक्शन के तहत करीब 20 जगह फोरलेन को नुकसान हुआ है। कुछ जगहों में एक लेन तो कुछ जगह में यातायात बाधित है। टकोली से कुल्लू सेक्शन के तहत 10 जगहों पर फोरलेन क्षतिग्रस्त हुआ है। कई जगह भूस्खलन और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। जबकि कई जगह एक लेन पूरी तरह बंद है। कुल्लू से मनाली वाले सेक्शन में 18 जगहों में नुकसान रिपोर्ट हुआ है। इस सेक्शन में करीब 3000 से 3500 मीटर सड़क प्रभावित हुई है।
उधर, जिले में वीरवार शाम 5:00 बजे तक 189 सड़के, 145 बिजली ट्रांसफार्मर व 72 पेयजल योजनाएं ठप चल रही हैं। सराज में सबसे अधिक 72 और थलौट में 42 सड़कें बाधित हैं। गोहर डिवीजन में सबसे अधिक 38 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित चल रहे हैं। वहीं, करसोग में 17 व थुनाग में 16 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। इससे ग्रामीणा इलाकों में आवाजाही, बिजली व पेयजल सुविधा ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है। कई इलाकों में ब्लैक आउट की स्थिति है। उधर, डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि सड़क बहाली में 123 जेसीबी लगाई हैं। युद्ध स्तर पर कार्य जारी है।
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भारी बारिश, भूस्खलन व बाढ़ से फोरलेन को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका जायजा लिया गया है। प्रस्तावित सुरक्षा दीवार का डिजाइन दोबारा तैयार किया जाएगा ताकि फोरलेन को सुरक्षित किया जा सके। फोरलेन बहाली के कार्य में मशीनरी जुटी हुई है।
-वरूण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी इकाई