सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ की ओर दिए गए निर्णय का हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और रोमेश वर्मा की खंडपीठ द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी (भर्ती और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2024 के विवादित प्रावधानों को निरस्त करना कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण फैसला है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया था, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 की भावना के विपरीत था। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। महासंघ ने कहा कि यह फैसला उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्षों से अपने अधिकारों और सेवा लाभों के लिए संघर्ष कर रहे थे।