योजना बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत सोझा के आधा दर्जन गांवों में पेयजल संकट गहराने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल शक्ति विभाग की लिफ्ट पेयजल योजना पिछले करीब आठ माह से खराब पड़ी है, लेकिन विभाग और संबंधित ठेकेदार की ओर से इसे बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि लगभग 80 परिवारों को पेयजल के लिए गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि योजना के बंद होने के बाद पड़ोसी गांव के एक निजी सिंचाई जल स्रोत से अस्थायी रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन पिछले पांच दिनों से वहां से भी जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो गया है।
ग्रामीणों में प्रकाश, भवानी, घनश्याम शर्मा और प्रेम लाल ने बताया कि जडूण, दुलाल, पराण, भरोह और पलियूणी सहित कई गांवों के लोग लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के निकट स्थित एक बावड़ी का पानी सिरहणी गांव को आपूर्ति किया जा रहा है, जबकि गंभीर पेयजल संकट झेल रहे अन्य गांवों की अनदेखी की जा रही है।
वहीं, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता शौर्य ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। एक योजना में मोटर खराब होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। मरम्मत कार्य किया जा रहा है और जल्द ही क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़ी लिफ्ट पेयजल योजना की शीघ्र मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल की जाए। साथ ही मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।