रमेश ठाकुर की दमदार आवाज ने बांधा समां, स्थानीय कलाकारों ने भी बिखेरा लोक संस्कृति का रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
थाची (मंडी)। थाची मेले की चौथी एवं अंतिम सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोकगीतों और नाटियों के नाम रही। मुख्य कलाकार एवं वॉयस ऑफ हिमालय-2010 के विजेता रमेश ठाकुर ने अपनी दमदार आवाज और शानदार अंदाज से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुतियों पर देर रात तक पूरा पंडाल तालियों और नृत्य से गूंजता रहा।
रमेश ठाकुर ने सैंज म्हारा होटल.. ऐजे झुरिये मिलना और चंद्रा बड़ी चंदली समेत एक से बढ़कर एक पहाड़ी नाटियां और नॉन-स्टॉप गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर दर्शक जमकर झूमे और नाचते नजर आए। उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या को खास बना दिया। स्थानीय गायिका सुनीता भारद्वाज ने भी अपनी मधुर आवाज से खूब रंग जमाया। उन्होंने घंटी बजी तेरे फोना री, बजे मेरे पर्सा... और मेरा बालम बेदर्दी सहित कई लोकप्रिय पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। स्थानीय कलाकार संजय भारद्वाज ने हाय इंद्रा लाड़िये हो... समेत कई बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर तालियां बटोरीं। इसके अलावा टेक चंद, शोभे राम सहित अन्य कलाकारों ने भी लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
अंतिम सांस्कृतिक संध्या में समाजसेवी ज्योति कपूर और मणी राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मेला कमेटी अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने मुख्य अतिथियों को हिमाचली टोपी, मफलर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।