करसोग (मंडी)। उपमंडल के तहत नाबालिग का अपहरण करने वाले आरोपी ने थाना करसोग में आकर नाबालिग सहित आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने आरोपी युवक को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे तीन दिन के रिमांड पर भेजा है। वहीं, नाबालिग को पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए मंडी अस्पताल भेजा है।
पुलिस के अनुसार अगवा की गई लड़की के पिता को आरोपी युवक ने सुंदरनगर में एक नोटरी द्वारा सत्यापित किया गया शपथ पत्र भेजा था। जिसमें उनकी शादी की बात बताई गई थी। इसमें नाबालिग की जन्म तिथि 13 जनवरी 1998 दर्शाई गई थी। जबकि ग्राम पंचायत व स्कूल के प्रमाण पत्रों में नाबालिग की उम्र 13 जनवरी 1999 अंकित है। पुलिस ने छानबीन में पाया कि नोटरी द्वारा उम्र को साबित करने के लिए कोई भी प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। जिस पर आरोपी के पिता और मामा ने बतौर शिनाख्तकर्ता और गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए। पुलिस ने आरोपी युवक के पिता व मामा को भी आरोपी बनाया है।
पिता और मामा ने उच्च न्यायालय शिमला में जमानत याचिका दायर की। लेकिन उच्च न्यायालय में यह जमानत याचिका नामंजूर कर दी। पुलिस छानबीन में यह भी खुलासा हुआ कि पीड़िता को करसोग से ले जाने में नैनो कार का इस्तेमाल हुआ है। नैनो कार के मालिक को टिक्कर शिमला में गिरफ्तार किया गया है। जहां वह सेब के सीजन में काम करने गया था। नैनो कार मालिक को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया गया है। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने कहा कि नाबालिग को मेडिकल के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा गया है। मामले की छानबीन जारी है।