थुनाग (मंडी)। जंजैहली के चिट्टा प्रकरण में नित नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी रूबल सप्लायर से सस्ते दामों पर चिट्टा खरीदकर क्षेत्र के नशेड़ियों को महंगे दामों पर बेचता था। स्वयं नशे का आदी होने पर वह अपनी जरूरतों को पूरा करता और कमाई के लालच में सराज में इस जहर के धंधे को फैला रहा था। उसके नेटवर्क में सराज क्षेत्र के कई संभ्रांत परिवारों के लड़के भी शामिल हैं।
रूबल ने पड़ोसी राज्य से 45 ग्राम चिट्टा लगभग 70 हजार रुपये में खरीदा था जोकि 1500 रुपये प्रति ग्राम बनता है। सराज में आकर वह इसे अपने रेट पर बेचता था। ग्राहक देखकर चिट्टा की कीमत तय होती थी। यह 2500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक होती थी। रूबल के खातों से लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। उसके पास अपनी एक कार भी है। एसआईटी रूबल के बैंक खातों सहित उसके परिजनों के खातों की जांच भी कर रही है।
बता दें कि दो आरोपियों को जंजैहली क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों ने नशे का सेवन करते हुए पकड़ा था। पुलिस को उनसे 44 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसे तोलते हुए एक आरोपी ने हाथ मार दिया और कुछ चिट्टा बिखर गया। इस तरह 38 ग्राम चिट्टा ही पुलिस के हाथ लगा। मामले में मुख्य आरोपी रूबल पुलिस रिमांड पर चल रहा है जबकि दूसरा आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
डीएसपी करसोग गौरवजीत सिंह ने बताया कि चिट्टा एक ऐसा नशा है जिसका एक या दो बार सेवन करने के बाद कोई भी इसका आदी हो सकता है। उन्होंने बताया कि एसआईटी सराज में नशे के धंधे के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर रही है।