जोगिंद्रनगर उपमंडल में घोटे का अत्यधिक सेवन करने पर देर रात तक दाखिल होते रहे युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में शिवरात्रि पर भांग की पत्तियों का घोटा पीने से दस लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बेसुध हुए करीब आठ लोगों को उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए दाखिल करना पड़ा। महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तों की ओर से नशीले घोटे का अत्यधिक सेवन करने पर समूचे उपमंडल के विभिन्न अस्पतालों में बेसुध होकर लोग पहुंचे। अकेले जोगिंद्रनगर अस्पताल में ही करीब आठ लोगों को आपातकालीन उपचार देना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शिवरात्रि पर्व पर उपवास रखने के दौरान जिन शिव भक्तों ने घोटे का अत्यधिक सेवन किया, उनकी तबीयत बिगड़ती रही। घबराहट महसूस होने और लगातार चक्कर आने पर परिजन और दोस्त उन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में लाए। यहां कई घंटों तक प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद जब हालत में सुधार हुआ तो उन्हें घर भेज दिया गया।
जोगिंद्रनगर अस्पताल में शुक्रवार को आपात सेवाओं में तैनात डॉ. अंकित ने बताया कि शुक्रवार दोपहर से देर रात तक भांग का घोटा पीने से अचेत हुए कई मरीजों को अस्पताल में उपचार दिया गया। शनिवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचार के लिए मरीजों की भीड़ अधिक नहीं दिखी। आपात सेवाओं में तैनात डॉ. माणिक्य ने रोगी वार्ड में दाखिल मरीजों को उपचार दिलाया, स्वास्थ्य की भी जांच की। वहीं, उपमंडल के शिव मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन शिव भक्तों की ओर से किया गया था। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा बालकरूपी मंदिर में महाशिव पुराण कथा के हवन के बाद भजन कीर्तन हुआ। यहां पर भी भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने के लिए शिव भक्तों की भीड़ दोपहर तक लगी रही।