मंडी। नवरात्रों के लिए जिले के सभी मंदिरों को रंग-रोगन कर फूलों, रंग बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। जगह-जगह पंडाल सज गए हैं, जहां नवरात्रों में भजन-कीर्तन और जागरण होंगे। घरों में कलश स्थापना कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना भी होगी। सोमवार से शुरू हो रहे नवरात्रों में इस बार तीसरे और चौथे नवरात्र पर तृतीया होने से एक नवरात्र बढ़ गया है। दशहरे को साथ मिला कर कुल ग्यारह नवरात्र बन रहे हैं।
अधिकांश मंदिरों में शतचंडी महायज्ञ और दुर्गा पाठ का आयोजन रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे भी लगाए जाएंगे। श्रद्धालु दस दिनों तक उपवास रख महामाई की भक्ति करेंगे। मंडी जिले के विख्यात मंदिरों में कामाख्या देवी, चिंढी माता करसोग, दुर्गा एवं शिकारी देवी जंजैहली, दुर्गा माता गोहर, हाटेश्वरी हटगढ़, कोयला राजगढ़ नाचन, महामाया शीतला और मुरारी देवी सुंदरनगर में विशेष आयोजन होंगे। संतानदात्री माता सिमसा देवी में भी नवरात्र पर विशेष आयोजन रहेगा।
सिमसा देवी के दरबार में निसंतान महिलाएं दस दिनों तक मंदिर में डेरा डालेंगी। मान्यता है कि देवी महिलाओं को स्वप्न में संतान प्राप्ति के संकेत देती हैं। सिद्धकाली माता मंदिर के पुजारी जगदीश और भीमा काली मंदिर कमेटी के प्रधान पुष्प राज के अनुसार सुबह पांच बजे मंदिर दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा। स्कूल बाजार स्थित माता काली चामुंडा मंदिर के प्रधान सुंदर लाल ने बताया कि इस दौरान मंदिर में दुर्गा पाठ चलेगा।
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इस बार तृतीया होने के चलते एक नवरात्र बढ़ गया है। दशहरे को मिलाकर ल ग्यारह नवरात्र बन रहे हैं। आपदा काल में नवरात्र का बढ़ना अपने आप में बहुत ही शुभ है। वैसे तो सोमवार सुबह से ही शुभ मुहूर्त है, कलश स्थापना पूर्वाह्न 11:15 बजे पर शुभ रहेगी।
-पंडित दीपक शर्मा, ज्योतिषाचार्य मंडी
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