मंडी। प्री प्राइमरी शिक्षा को बेहतर करने के लिए शिक्षकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न हो गई। इसमें बताया गया कि समुदाय के सहयोग और बच्चों की माताओं के समूह बनाकर उनको कार्यक्रम के बारे में जागरूक किया जाए। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया ताकि माताएं बच्चों को अध्यापकों के साथ समन्वय बनाकर उनकी पठन-पाठन में मदद कर सके।
शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मंडी में प्री-प्राइमरी अध्यापकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न हो गई। इसमें जिला शिक्षा उप निदेशक प्रारंभिक अमरनाथ राणा बतौर मुख्य अतिथि रहे। जिला प्री- प्राइमरी समन्वयक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण दो बैच में मंडी जिला के स्टार प्रोजेक्ट के अंतर्गत 115 स्कूलों के अध्यापकों को दिया गया। मुख्य स्रोत समूह और गैर सरकारी संस्था प्रथम टीम द्वारा विभिन्न विषयों जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य, गतिविधि आधारित शिक्षा, पारंपरिक खेल खिलौनों का निर्माण, प्रशिक्षण बच्चों का नामांकन, अवलोकन, समावेशी शिक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता, सृजनात्मकता के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास आदि विषयों पर आधारित प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यशाला के दौरान निर्मित शिक्षण अधिगम सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका मुख्य अतिथि द्वारा अवलोकन किया गया। मुख्य अतिथि ने कार्यशाला में उपस्थित अध्यापकों को संदेश दिया कि अपनी-अपनी पाठशाला में जाकर इन गतिविधियों से बच्चों को पढ़ाएं। इससे अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सके।
कार्यशाला में की गतिविधियों की एक डॉक्युमेंट्री भी प्रस्तुत की गई। इस मौके पर सभी प्रतिभागी अध्यापकों और रिसोर्स पर्सन को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रधानाचार्य सरिता शर्मा, जिला समन्वयक, मीडिया प्रभारी सविता कुमारी, मोहन सिंह सकलानी, हरीश सैनी जितेंद्र ठाकुर, खूब राम मुंशी राम, रणजीत सिंह, मनजीत सिंह आदि शामिल रहे।