मंडी। बल्ह उपमंडल के चलखा गांव में 2020 से संचालित स्वाधार गृह अब तक परिवार से बिछुड़ीं 28 महिलाओं को परिजनों को मिला चुका है। मानसिक रूप से परेशान महिलाएं जब सरकार, प्रशासन और पुलिस की नजर में आती हैं तो उन्हें विभिन्न आश्रमों में भेज दिया जाता है। मंडी जिले में ऐसी महिलाओं को स्वाधार गृह में आश्रय दिया जाता है। स्वाधार गृह का संचालन सहयोग बाल श्रवण विकलांग कल्याण समिति की ओर से किया जाता है।
समिति की प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर गीता पुरोहित ने बताया कि स्वाधार गृह ऐसी महिलाओं के लिए खोला गया है जिन्हें घर से निकाल दिया जाता है। आज दिन तक यहां 55 महिलाओं को आश्रय दिया गया। इन महिलाओं को मेडिकल कॉलेज नेरचौक के माध्यम से उपचार दिया जाता है। उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाकर परिजनों की तलाश की जाती है।
अभी तक स्वाधार गृह 28 महिलाओं को उनके परिवारों से मिला चुका है। 14 महिलाएं दूसरे आश्रमों में भेजी गई हैं जबकि मौजूदा समय में 10 महिलाएं यहां जीवन यापन कर रही हैं। हाल ही में यूपी के मुरादाबाद की 53 वर्षीय अमरावती को स्वाधार गृह ने अपनों से मिलाने का कार्य किया है। अमरावती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और करीब एक वर्ष पहले अपने घर से भटकती हुई हिमाचल आ पहुंची थीं। यहां महिला को जिला प्रशासन या पुलिस के निर्देशों के बाद जिला कल्याण अधिकारी की ओर से किए जाने वाले लिखित आदेशों के बाद ही दाखिल किया जाता है। संवाद