टिहरा (मंडी)। टिहरा क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों के सूखने के कारण जल शक्ति विभाग की ओर से दूसरे-तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में लोगों को गांव से दूर बने प्राकृतिक जल स्रोतों की याद आई है और वहां से पानी ढोना पड़ रहा है। जल स्तर कम होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
सोमवार को चम्योलका पंचायत के लोगों ने आपसी सहयोग से प्राकृतिक जल स्रोतों यानी गांव के कुओं और खातरियों को साफ किया। पंचायत प्रधान पवन कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्राकृतिक स्रोतों में भी पानी कम है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि सामूहिक रूप से कुओं एवं खातरियों की सफाई करें, ताकि बारिश होने के बाद प्राकृतिक रूप से उनमें पानी का भंडारण हो सके।
स्थानीय निवासी संजय कुमार, विजय कुमार, राकेश कुमार, सुशील, दिलीप सिंह, राजकुमार, वीरेंद्र आदि ने बताया कि मौसम परिवर्तन तथा बारिश न होने के कारण प्राकृतिक स्रोतों मेें पानी कम हो गया है। कई तो सूखने के कगार पर हैं। ऐसे में अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट गहरा सकता है। संवाद