मंडी। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मंडी की अदालत ने 75 वर्षीय परशोत्तम राम की ओर से दाखिल गुजारा भत्ता याचिका पर उनके दोनों बेटों को 2500-2,500 रुपये (कुल पांच हजार रुपये) मासिक भत्ता देने का आदेश दिया है। साथ ही पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
मामले के तथ्यों के अनुसार कोटली के सरवरी निवासी परशोत्तम राम वृद्धावस्था और स्वास्थ्य कारणों से आय अर्जित करने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपनी पुश्तैनी और स्वयं अर्जित संपत्ति दोनों बेटों को पारिवारिक समझौते के तहत दे दी थी। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि अक्तूबर 2023 में दोनों बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया। 17 अक्तूबर 2023 को पुलिस चौकी कोटली में समझौता हुआ, लेकिन बाद में फिर से घर से बाहर कर दिया गया। वर्तमान में वह कोटली गांव में एक परिचित के घर रह रहे हैं।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत संतान पर अपने असहाय माता-पिता के भरण-पोषण की कानूनी जिम्मेदारी है। आर्थिक रूप से सक्षम होते हुए भी दोनों बेटों ने यह दायित्व नहीं निभाया। संवाद