पठानकोट में अपनी ही सर्विस राइफल की गोली से मारे गए मंडी के सिध्याणी पंचायत के भावत गांव के जवान मुकेश की मौत पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गोली चलने के कुछ घंटे पहले ही मुकेश ने अपने पिता से बात की थी। परिजनों के अनुसार मुकेश ने पिता से खुश होकर बात की थी। 17 ग्रेनेडियर रेजीमेंट में कार्यरत जवान मुकेश कुमार (21) अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। गत शनिवार 11 बजे पेश आई घटना से परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया है। बेटे की आकस्मिक मौत से मां-बाप को गहरा आघात पहुंचा है। मुकेश की मौत की सूचना मिलते ही पंचायत में मातम का माहौल है।
सोमवार को मृतक मुकेश कुमार का शव पैतृक गांव में पहुंचा। दिवंगत जवान के अंतिम संस्कार में क्षेत्र के सैंकड़ों लोग पहुंचे। चचेरे भाई गोल्डी ने मुकेश को मुखाग्नि दी। रेजीमेंट के सूबेदार उमानंद व अन्य चार जवान शव को लेकर पैतृक गांव में पहुंचे। मृतक के पिता भादर सिंह ने कहा कि मुकेश से हर दिन फोन पर बात होती थी। उसने कभी तनाव अथवा कोई भी परेशानी होने की बात नहीं बताई। उन्होंने कहा कि मुकेश हंसमुख रहने वाला जवान था।
पिता ने कहा कि उनका बेटा मुकेश कभी आत्महत्या नहीं कर सकता है। मुकेश की मौत किसी की कोई सोची समझी साजिश है। उनका बेटा किसी साजिश का शिकार हुआ है। उन्होंने कहा कि घटना के महज तीन घंटे पहले ही मुकेश से बात हुई थी। मुकेश ने कहा कि साढ़े दस बजे से उसकी ड्यूटी है। ड्यूटी पर जाने के महज एक से डेढ़ घंटे बाद ही अपनी ही राइफल की गोली से मुकेश की मौत हो गई थी। स्थानीय पंचायत के प्रधान इंद्रवीर सिंह ने कहा हिमाचल व केंद्र सरकार से मामले की गहन छानबीन की मांग की है। शव यात्रा में सिध्याणी व साथ लगती पंचायतों के सैंकड़ों लोगों ने नम आंखों से मुकेश को विदाई दी।