करसोग (मंडी)। कृषि में वैज्ञानिक सोच को खेतों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने हिम उन्नति योजना लागू की है। योजना के तहत गांव-गांव में खेतीबाड़ी से जुड़े लोगों के हिम कृषि क्लस्टर बना कर कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
योजना को धरातल पर उतारने और करसोग उपमंडल में योजना से किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए एक्शन प्लान को राज्य सरकार ने जिला प्रशासन के माध्यम से मंजूरी प्रदान कर दी है। उपमंडल में लगभग 300 बीघा से अधिक भूमि योजना के अंतर्गत लाई गई है। इसके लिए दो हिम कृषि क्लस्टर बनाए गए हैं। क्लस्टर के माध्यम से प्रथम चरण में क्षेत्र में कृषि विकास पर लगभग 21 लाख रुपये व्यय किए जाने हैं। योजना के तहत लगभग 80 किसानों को लाभान्वित किया जाना है।
एक्शन प्लान के तहत के करसोग के भनेरा गांव में हिम कृषि क्लस्टर बनाया गया है जबकि दूसरा हिम कृषि क्लस्टर पांगणा के मशोग गांव में बनाया गया है। भनेरा गांव में बनाए गए क्लस्टर में लगभग 250 बीघा भूमि को कवर किया जाना है। इससे सीधे तौर पर क्षेत्र के लगभग 50 किसान लाभान्वित होंगे। मशोग पांगणा क्लस्टर में लगभग 66 बीघा खेती को शामिल किया गया है। इससे 30 किसानों को लाभान्वित किया जाना है।
योजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। हिम कृषि क्लस्टर क्षेत्र में आवश्यक सिंचाई सुविधा के लिए बोरवेल, सिंचाई टैंक और उठाऊ सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
.............
हिम उन्नति योजना को धरातल पर लागू किया जा रहा है। इसके लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान को मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत क्षेत्र में दो क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें लगभग 21 लाख रुपये व्यय किए जाने हैं।
-प्रवीण गुप्ता, एसएमएस कृषि विभाग