एक माह में 15 लोग पहुंचे अस्पताल
अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर लौटे
तीन का मंडी अस्पताल में चल रहा उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। बरसात का मौसम शुरू होते ही जिले में सांप के डसने (स्नेक बाइट) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खेत-खलिहानों, घासनियों और चरागाहों में जलभराव के कारण सांप आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। एक माह के दौरान क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में स्नेक बाइट के करीब 15 मामले पहुंचे हैं। सभी मरीजों को आपातकालीन उपचार उपलब्ध करवाया गया। अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं जबकि तीन मरीज अभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार उपचाराधीन मरीजों में मंडी सदर क्षेत्र के मझवाड़ का एक पुरुष और सराज के थाची की दो महिलाएं शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दौरान सांप अक्सर घरों, गोशालाओं और खेतों के आसपास पहुंच जाते हैं। कई बार अनजाने में उन पर पैर पड़ने या छेड़ने पर वे डस लेते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या झाड़-फूंक के भरोसे रहने के बजाय तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचाना चाहिए क्योंकि समय पर इलाज से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
सांप के डंक से बचाव के लिए जिले के अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन और अन्य आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। स्टाफ को ऐसे मामलों से तुरंत निपटने के निर्देश दिए गए हैं। सांप के डसने पर घबराने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद न करें। -डॉ. दिनेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी
ये सावधानियां बरतें
रात के समय घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का उपयोग करें।
घर के आसपास उगी झाड़ियों और खरपतवार की नियमित सफाई करें।
सोने से पहले बिस्तर को अच्छी तरह झाड़ लें।
खेतों में काम करते समय लंबे जूते और दस्तानों का इस्तेमाल करें।