शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने लिया फैसला, रात को भी निरीक्षण करेंगे अधिकारी
कूड़े की रसीद न दिखाने पर होगी कार्रवाई, सीवरेज मामलों को निपटाने के लिए कमेटी गठित
नगर निगम के सभी वार्डों में 200 बेंच और 200 सौर उर्जा स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम की ओर से कूड़ा प्रबंधन और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आए दिन नए-नए निर्णय लिया जा रहे हैं, ताकि कूड़ा इधर-उधर, फेंकने वालों को जागरूक किया जा सके। नगर निगम ने बैठक में निर्णय लिया है कि नियमित रूप से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग देने वालों के घरों पर स्मार्ट हाउस के स्टीकर लगाए जाएंगे।
साथ ही यह भी फैसला दिया है कि नगर निगम के अधिकारी अब हर वार्ड का निरीक्षण करेंगे। ्इस दौरान लोगों को कूड़े के शुल्क की रसीद दिखानी अनिर्वाय होगा। अगर वे रसीद नहीं दिखाएंगे, तो उन पर कार्रवाई होगी। यही नहीं नगर निगम के अधिकारियों की ओर से इन दिनों रात को भी निरीक्षण किया जा रहा है और चालान काटे जा रहे हैं, अगर कोई अंधेरे में कूड़ा फेंकता पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सीवरेज के मामलों को निपटाने के लिए एक कमेटी किया गया है । इसके चेयरमैन सहायक आयुक्त होंगे। वहीं, निर्णय लिया कि स्वच्छता कर्मियों को प्रोत्साहन राशि स्मृति चिह्न और प्रशंसा पत्र भी दिए जांएंगे। नगर निगम के सभी वार्डों में 200 बेंच और 200 सौर उर्जा स्ट्रीट लाइट भी जनसुविधा के लिए खरीदी जाएंगी। निगम की ओर से पौधरोपण भी किया जाएगा, जिसमें फलदार और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। यह सभी निर्णय शुक्रवार को हुई बैठक में लिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त एचएसराणा, पार्षद अलकनंदा हांडा, सोमेश उपाध्याय, राजेंद्र मोहन, योग राज, वीरेंद्र सिंह आर्य, सुदेश कुमारी, सुमन ठाकुर, नेहा कुमारी, निर्मल वर्मा, कृष्ण भानू, अंजय कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम को बाढ़ और भूस्खलन से 18 करोड़ का नुकसान
नगर निगम मंडी को बाढ़ से करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह जानकारी नगर निगम ने साधारण बैठक के दौरान दी। शुक्रवार को निगम सभागार में आयोजित बैठक में उप महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि नौ और दस जुलाई को ब्यास नदी की बाढ़ से नदी किनारे स्थित वार्डाें में करीब 18 करोड़ के लगभग नुकसान हुआ है। हालांकि इस दौरान स्थानीय विभागों का कार्य सराहनीय रहा और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी बेहतर कार्य कर लोगों को राहत पहुंचाई है, लेकिन नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार से सहायता राशि की मांग की है।