मंडी जीएनएम नर्सिंग स्कूल भवन। संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी यानी जीएनएम स्कूल में लंबे समय से स्टाफ की कमी चल रही है। माैजूदा समय में यहां 117 जीएनएम प्रशिक्षुओं को केवल दो ट्यूटर प्रशिक्षण दे रही हैं। दोनों कागजी कामकाज के साथ अध्यापन का कार्य भी संभाले हुए हैं। जीएनएम स्कूल में ट्यूटर के आठ पद स्वीकृत हैं। मगर छह पद खाली चल रहे हैं।
वर्ष 2021 से स्कूल प्रधानाचार्य की सेवानिवृत्ति के बाद से एक मात्र ट्यूटर ही प्रधानाचार्य का कार्यभार देख रही थी। कुछ समय पूर्व ही एक अन्य ट्यूटर ने कार्यभार संभाला है। ऐसे में अब यहां दो नियमित ट्यूटर हो गईं हैं, लेकिन समस्या अभी भी बरकरार हैं। ऐसे में आखिर किस तरह नर्सिंग प्रशिक्षुओं को गुणात्मक शिक्षा मिलेगी।
वर्ष 1984 में क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में प्रदेश का पहला जीएनएम नर्सिंग स्कूल खुला था। यहां से अब तक हजारों नर्सिंग ने प्रशिक्षण हासिल किया है। 2016 के बाद से टयूटर के स्वीकृत आठ पदों में से अभी सात पद रिक्त चल रहे थे। कुछ समय पूर्व ही एक अन्य टयूटर ने कार्यभार संभाला है। अभी छह ट्यूटर के पद खाली चल रहे हैं।
लंबे अरसे खाली चल रहे पदों को भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अब स्कूल में जीएनएम का नया बैच बैठ चुका है, जबकि पहले से ही तीन बैच प्रशिक्षण ले रहे हैं। जीएनएम प्रशिक्षु अर्पिता, वैशाली, रेणुका, हर्षा, मुस्कान, जागृति सहित अन्य प्रशिक्षुओं ने प्रदेश सरकार व अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि स्कूल में रिक्त चल रहे ट्यूटर और प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को भर कर नियमित स्टाफ की तैनाती की जाए।
उधर, सीएमओ मंडी डॉ नरेंद्र कुमार भारद्वाज का कहना है कि मौजूदा समय में जीएनएम स्कूल में दो नियमित ट्यूटर हैं। प्रशिक्षुओं के लिए प्रतिनियुक्ति पर तीन अतिरिक्त ट्यूटर तैनात की हैं। जीएनएम प्रधानाचार्य और ट्यूटर के रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद ही रिक्त पदों पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।