पहले काव्या और फिर नक्ष के पेट में हुआ दर्द
तड़के करीब ढाई बजे काव्या ने माता-पिता को उठाकर पेट में दर्द होने की शिकायत की। कुछ देर बाद नक्ष ने भी पेट दर्द बताया। परिजनों ने शुरुआत में इसे ठंड या अपच समझकर बच्चों के पेट पर गर्म पानी की थैली से सेंक किया। करीब आधे घंटे बाद काव्या को उल्टियां होने लगीं और वह दर्द से रोने लगी। करीब पांच मिनट बाद नक्ष की भी हालत बिगड़ गई।
घर में दिखा काला सांप
इसी दौरान परिजनों की नजर दरवाजे के पास रेंग रहे एक बड़े काले सांप पर पड़ी। काफी मशक्कत के बाद सांप को घर से बाहर निकाला गया। सांप देखने के बाद परिजनों को बच्चों के सर्पदंश का अंदेशा हुआ और वे दोनों को तुरंत उपचार के लिए मंडी अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें नेरचौक रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम से होगा साफ सांप के काटने गई या जान जाने की वजह कुछ और
सूचना मिलने पर कोटली पुलिस चौकी प्रभारी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचकर परिजनों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने शवों का निरीक्षण और फोटोग्राफी भी की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण सांप का जहर बताया है। दोनों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों ने किसी तरह का संदेह व्यक्त नहीं किया है।