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Mandi News: शृंगा ऋषि ने राजदेवता माधो राय से किया मिलन

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मंडी। बागी बंजार के आराध्य देवता शृंगा ऋषि 300 साल बाद सोमवार को हजारों देवलुओं के साथ मंडी में चल रहे श्रीरामार्चा महायज्ञ में पधारे। इससे पहले देवता दोपहर बाद करीब चार बजे राजदेवता माधो राय से मिलने पहुंचे। यहां सर्व देवता सेवा समिति के अध्यक्ष शिवपाल और कमेटी के सदस्यों ने देवता और देवलुओं का स्वागत किया। इस दौरान शहरवासियों ने देवता का फूलों की बारिश कर जोरदार स्वागत किया।
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देवता कुछ पल के लिए माधोराय के साथ उनके मंदिर परिसर में विराजमान हुए। मिलन के बाद देवता पड्डल मैदान में चल रहे महायज्ञ के लिए रवाना हो गए। देवता 15 नवंबर तक देवलुओं के साथ महायज्ञ में विराजमान रहेंगे। देवता के आगमन के साथ छोटी काशी का माहौल देवमय हो गया। देवता के आगमन पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही।
देवता का मूल स्थान कुल्लू जिले के बागी बंजार में है जबकि देवता का मंदिर सकीरण टॉप स्थान पर बना है। शृंगा ऋषि को पांच कोठी मैहणी, शिकारी, खाड़ागाड़, त्रिलोकपुर और फतेपुर हारियों का देवता माना जाता है। देवता के पुजारी इंद्र देव शर्मा ने बताया कि देवता 9 नवंबर को अपने मूल स्थान से मंडी के लिए देवलुओं के साथ पैदल रवाना हुए और सोमवार दोपहर बाद मंडी पहुंचे हैं। बताया कि बुजुर्गों की ओर से सुनाई गई बातों के अनुसार देवता करीब 300 साल पहले राजा सिद्ध सेन के शासन काल में मंडी शिवरात्रि में आया करते थे। बाद में 1800 ईस्वी में किसी विवाद को लेकर देवता मंडी नहीं आए।
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इस दौरान कुल्लू राज परिवार और पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी विशेष रूप से देवता के साथ मंडी महायज्ञ में पहुंचे। सर्व देवता सेवा समिति के प्रधान शिवपाल ने बताया कि शृंगा ऋषि का मंडी राजस्व और देवता समिति के पास कोई रिकाॅर्ड मौजूद नहीं है। समिति के अनुसार देवता पहली बार पड्डल मैदान में चल रहे महायज्ञ में आयोजन समिति के बुलावे पर पहुंचे हैं। इस अवसर पर देवता के गूर गणदेव, देवता के दारोगा तुलेराम, नानक चंद, तेजा सिंह, मेहता में नरोतम, लोतराम आदि मौजूद रहे।
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