नेरचौक (मंडी)। विद्युत उपमंडल नेरचौक में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मरम्मत और रखरखाव कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे विद्युत लाइन और ट्रांसफार्मर की स्थिति खराब हो गई है। इससे बार-बार बिजली कट लगने की समस्या बनी हुई है और उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। विद्युत उपमंडल में कम से कम 60 कर्मचारियों की आवश्यकता है।
स्थानीय निवासी लाल सिंह, सुरेश कुमार, योगराज, रमेश, राज कुमार, बिट्टू, बबलू, पवन, सुभाष, धर्म सिंह ठाकुर और हेम सिंह वालिया ने बताया कि विद्युत लाइनों की स्थिति जर्जर है और लाइन से सटे पेड़ों की काट-छांट नहीं हो रही। इसका असर मलवाणा, कांढी तारापुर, टरोह, कसारला, पिपली, पैड़ी, ढांगू और नेर आदि क्षेत्रों में पड़ रहा है, जहां बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्या बनी हुई है।
रति विद्युत अनुभाग-एक में 38 ट्रांसफार्मर की देखरेख के लिए महज छह कर्मचारी हैं। यहां कम से कम 14 कर्मचारियों की जरूरत है। रति अनुभाग-दो में छह कर्चमारी हैं जिनमें से दो सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यहां भी कम से कम 18 कर्मचारी की दरकार है। नेरचौक क्षेत्र में 55 उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर हैं। इस अनुभाग में कभी 25 कर्मचारी होते थे। बगला अनुभाग में 50 ट्रांसफार्मरों की देखरेख के लिए 10 कर्मचारियों की आवश्यकता है। विद्युत अनुभाग गागल में भी 50 ट्रांसफार्मर की देखरेख का जिम्मा महज पांच कर्मचारियों पर है। यहां 20 कर्मचारियों की आवश्यकता है। उधर, विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता अरुण शर्मा ने बताया कि जल्द ही कर्मचारियों की कमी को दूर कर समस्या का समाधान किया जाएगा।