ग्राहकों को चूना लगाने वाले शातिर दुकानदारों पर माप-तोल विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभागीय नियंत्रक ने जनवरी माह में 35 मामलों में समझौता कर करीब 80 हजार रुपये जुर्माना वसूला। इनमें 24 चालान जनवरी माह के दौरान किए गए। 11 पेंडिंग चालान का समझौता किया।
सख्त कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। विभागीय निरीक्षकों ने जनवरी माह में मंडी मंडल के तहत कुल्लू, मंडी, सरकाघाट, करसोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान 920 कारोबारियों के यहां बाट, तराजू व अन्य माप-तोल यंत्र के अलावा डिब्बाबंद वस्तुओं की भी जांच की गई। जांच के दौरान करीब 24 कारोबारियों के पास गड़बड़ियां पाई गईं। जिनमें कुछ डिब्बाबंद वस्तुओं पर रेट अंकित नहीं था। जिससे सीधे तौर पर ग्राहकों को चूना लग रहा था। नियमों की अवहेलना करने पर निरीक्षकों ने दुकानदारों के चालान किए।
जिन्हें सहायक नियंत्रक के समक्ष रखा गया। सहायक नियंत्रक डीआर वर्मा ने बिना मूल्य अंकित किए व कम तोलने वाले दुकानदारों के खिलाफ विधिक मापक विज्ञान अधिनियम 2009 और विधिक मापक विज्ञान बंद वस्तुएं अधिनियम 2011 के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 80 हजार रुपये जुर्माना वसूला। विभाग ने सभी दुकानदारों को चेताया है कि सभी अपने बाटों का नवीनीकरण करवाएं, डिब्बाबंद वस्तुएं में रेट अंकित होना सुनिश्चित करें और डिब्बे के साथ मिठाई न तोलें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
इधर, इस संबंध में विधिक माप विज्ञान माप तोल मंडी मंडल के सहायक नियंत्रक डीआर वर्मा ने बताया कि 35 मामलों में विभागीय समझौते के बाद करीब 80 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा।