जोगिन्द्रनगर शानन परियोजना में हड़ताल पर उतरे कर्मचारी नारेवाजी करते हुए संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर की स्थित शानन परियोजना में तैनात कर्मचारियों ने विद्युत उत्पादन में अपनी सेवाएं देना बंद कर दिया है। कर्मचारियों ने परियोजना प्रबंधन, पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड और सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। परियोजना में तैनात शत प्रतिशत कर्मचारियों ने पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से मांगों को पूरा न करने की हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी है।
मंगलवार को शानन विद्युत परियोजना के कर्मचारियों की यूनियन ने ज्वाइंट फॉर्म कमेटी के आह्वान पर हड़ताल की। तकनीकी कर्मचारियों के सेवाएं न देने से विद्युत उत्पादन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। शानन परियोजना में तैनात कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी ललित कुमार, रवि कुमार, गुरिंदर सिंह और राज कुमार ने कहा कि वेतन पुनर्रीक्षण से संबंधित कमियों को दूर करने को लेकर विद्युत बोर्ड गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन भी बहाल नहीं हो पाई है। जुलाई 2020 में भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्रीय वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। तीन साल की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद भी पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। वहीं, सेवा में संविदा अवधि का लाभ संविदा कर्मचारियों से लेकर नियमित कर्मचारियों को अभी तक नहीं मिल रहा है।
हड़ताल में उतरे कर्मचारियों ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने और कर्मचारियों का मोबाइल भत्ता बंद करने पर भी विरोध जताया। कर्मचारियों ने शानन परियोजना में रिक्त चल रहे पदों में भी बहाली न होने को लेकर नारेबाजी की और आवास सुविधा के अलावा अन्य समस्याओं पर पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड व सरकार की उदासीनता पर खूब हंगामा भी किया। एहतियात के चलते सुरक्षाकर्मी भी सतर्क दिखे।
शानन परियोजना जोगिंद्रनगर के आरई सतीश कुमार ने कहा कि परियोजना में तैनात कर्मचारियों को पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड के नियमों के तहत आवश्यक सुविधाओं व संसाधनों का लाभ दिलाया जा रहा है। वेतन की विसंगतियों व मुख्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल कर रोष जताया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है ताकि उनकी मांगों पर उचित समाधान हो पाए।