स्वास्थ्य विभाग को नजर रखने और जल शक्ति विभागों जल स्रोतों की सफाई करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। गोहर और बासा पंचायतों में पीलिया फैलने पर एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट ने स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया है। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को दोनों पंचायतों के प्रभावित गांवों का सर्वे कर पीलिया के मरीजों का उपचार और बचाव करने को लेकर निर्देश जारी किए हैं। वहीं, एसडीएम ने जल शक्ति विभाग को जल्द पीने टेंकों और पेयजल लाइनों की सफाई करने के आदेश जारी किए हैं।
एसडीएम ने दोनों विभागों के अधिकारियों को कहा है कि पीलिया के मामलों में जरा भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, मंगलवार को गोहर और बासा पंचायतों में पीलिया की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होते ही संबंधित महकमों में हड़कंप मच गया है। जल शक्ति विभाग ने दोनों पंचायतों को आपूर्ति करने वाले पेयजल स्रोतों से पानी के नमूने ले लिए हैं और इन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग गोहर दत्त राम ने सैंपल भरने की पुष्टि की है। बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि मंगलवार को एक ही मामला पीलिया का नया सामने आया है। उन्होंने बताया कि 15 साल से नीचे के बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। बीएमओ के अनुसार बीते वर्ष की तरह सपोरेडिक (छिटपुट) मामले ही इस बार भी सामने आए हैं। कहा कि मंगलवार तक 14 पीलिया के मामले सामने आए हैं। दोनों पंचायतों में आशा वर्करों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि जल्द पंचायत स्तर पर हर वार्ड में पंचायत प्रतिनिधियों को गली मोहल्लों में सफाई अभियान चलाने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
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क्या है पीलिया
रक्त में बिलिरुबिन की मात्रा बढ़ने से त्वचा पीली हो जाती है। पीलिया तब होता है, जब यकृत लाल रक्त कोशिकाओं को कुशलता के साथ संसाधित नहीं कर पाता है। यह स्वस्थ नवजात शिशुओं में सामान्य है और आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। अन्य उम्र में यह संक्रमण या लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है।
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पीलिया से बचाव के उपाय
-चिकित्सीय देखभाल लेना
-आपके पेशाब का रंग गहरा हो और पेट फूले या उसमें सूजन हो तो उबला हुआ पानी ही पीएं।