गोहर (मंडी)। नाचन क्षेत्र के मौवोसेरी में सरकारी खाली जमीन तलाशने पहुंचे एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट का स्थानीय लोगों ने घेराव कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश के बीच एसडीएम को बिना जमीन तलाश किए वापस लौटना पड़ा। एसडीएम सरकार के आदेश पर उपायुक्त मंडी के निर्देश से मौवोसेरी में सरकारी खाली जमीन तलाश करने पहुंचे थे।
दरअसल, नेरचौक मेडिकल काॅलेज निजी भूमि पर बना है। जमीन को लेकर नेरचौक निवासी मीर बक्श ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और सरकार से 92 बीघा भूमि के बदले 1 हजार 61 करोड़ 57 लाख रुपये का मुआवजा मांगा है। हिमाचल सरकार यह इतना बड़ा मुआवजा दे पाने में असमर्थ है। ऐसे में उसे जमीन के बदले जमीन देना चाह रही है।
इसी लिए प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को मंडी जिला में खाली जमीन की तलाश करने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि वह जमीन मेडिकल कॉलेज की जमीन के बदले दी जा सके। इसके लिए सभी प्रशासनिक अधिकारी जमीन की तलाश में जुटे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसडीएम गोहर मौवीसेरी में कृषि विभाग की जमीन देखने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। ग्रामीणों के साथ नाचन के विधायक विनोद कुमार और जिला परिषद उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों का पक्ष लेकर एसडीएम को वापस लौट जाने का आग्रह किया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन गो बैक के नारे भी लगाए।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह जमीन कृषि फार्म के लिए यहां के लोगों ने सरकार को दी है। यहां किसी दूसरे क्षेत्र के व्यक्ति को कतई बसने नहीं दिया जाएगा। इससे पहले एसडीएम ने गड़ाहरी फार्म का भी दौरा किया। वहीं, नलहास में भी जमीन की तलाश को लेकर प्रशासन छानबीन कर रहा है। इसका भी लोग विरोध करने की तैयारी में है।
ग्रामीणों को डर खत्म हो जाएंगे सभी रास्ते
ग्रामीणों ने बताया कि मौवीसेरी ऐसा स्थान है, जहां हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के स्थान है। श्मशानघाट और माता श्री चतुर्भुजा मरोही जी के मूल मंदिर को मुख्य रास्ता है। राजकीय उच्च माध्यमिक पाठशाला मौवीसेरी के लिए मुख रास्ता भी फार्म के बीचों बीच है। अगर यह जमीन किसी व्यक्ति को दे दी जाती है तो यह सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।
द्रंग विधानसभा में भी हो चुका है विरोध
बता दें कि इससे पहले द्रंग विधानसभा क्षेत्र के फूलाधार में जमीन चिह्नित की गई थी। मगर वहां भी लोगों के विरोध के बाद सहमति नहीं बन पाई थी। इस कारण सरकार और प्रशासन को अन्य जगह जमीन की तलाश करनी पड़ रही है।
सरकार और राजस्व विभाग को यह पता ही नहीं है कि उनके पास कितनी जमीन है। सरकार अगर मौवीसेरी में कृषि से संबंधित कोई संस्थान खोले तो उसका स्वागत है। मगर दूसरे विधानसभा क्षेत्र के किसी व्यक्ति को यहां बसाना लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- विनोद कुमार, विधायक, नाचन
उपायुक्त के आदेश पर मौवीसेरी में सरकारी जमीन को देखने गए थे। जहां लोगों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजी जा रही है।
- लक्ष्मण सिंह कनेट, एसडीएम, गोहर