जोगिंद्रनगर सरकाघाट सड़क पर छतर के समीप हुआ भूस्खल से सड़क पर आ गिरी चट्टानें। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल की जोगिंद्रनगर-सरकाघाट सड़क पर वर्ष 2023 में बरसात से हुए भूस्खलन का अभी भी नहीं हटाया जा सका है। जगह-जगह मलबे के ढेर और हवा में लटकी चट्टानों के कारण हादसों की आशंका बढ़ गई है। छतर के समीप भूस्खलन से गिरे मलबे को अभी तक नहीं हटाए जाने से सड़क संकरी हो चुकी है। इससे सफर जोखिम भरा हो गया है।
इसी तरह मकरीड़ी के समीप तीखे मोड़ पर हवा में लटकी चट्टानें अभी भी वाहन चालकों को डरा रही है। बसाही से पहले और चीहर के समीप लगातार हो रहा भूस्खलन बड़े हादसों को बुलावा दे रहा है। जोगिंद्रनगर से सरकाघाट तक सड़क के किनारे सुरक्षा पैरापिटों, चेतावनी बोर्डों में विस्तार करने को लेकर भी साल भर लोक निर्माण विभाग ने अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई।
वहीं, बीते कई सालों से सड़क की चौड़ाई के दौरान की गई कटिंग के बाद डंगे लगाने का काम भी अभी कुछ जगहों पर अधूरा है। कुछ जगहों पर 90 डिग्री कंकरीट के डंगे भी लगा दिए गए हैं। जो इस मानसून सीजन में धराशाही होने को तैयार है। सड़क किनारे फैले मलबे से बारिश के दौरान कीचड़ फैल जाने से दो पहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं।
छतर के समीप हुए भूस्खलन से सड़क पर गिरे मलबे को हटाने के साथ यहां पर सुरक्षा डंगों के विस्तार को लेकर भी कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। बसाही और चीहर के समीप लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी पहले से ही तैनात कर रखी है।
-जेपी नायक, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, जोगिंद्रनगर