फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: ठंड बढ़ते ही जकड़ने लगे सांस के रोग, मेडिसन विशेषज्ञ न होने से बिना उपचार लौट रहे मरीज

Thu, 31 Oct 2024 05:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम में बदलाव आते ही जोगिंद्रनगर अस्पताल में वायरल से पीड़ित मरीजों की भी बढ़ी संख्या
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। ठंड शुरू होते ही सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़नी शुरू हो गई हैं। अस्थमा और टीबी के मरीज अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण मरीजों का मर्ज बढ़ चुका है। ऐसे में गंभीर मरीज की सांसें उखड़ने की समस्या को लेकर मरीज के तीमारदार खौफजदा हैं।
मौसम में बदलाव आते ही अस्पताल में करीब 30 प्रतिशत ओपीडी सर्दी, खांसी के मरीजों की बढ़ चुकी है। 150 से अधिक ओपीडी रोजाना अस्पताल में दर्ज हो रही है। इनमें सांस की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, टीबी के पुराने मरीज भी फेफड़ों के संक्रमण के चलते अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन मेडिसन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से सुविधा नहीं मिल रही है। हालांकि अस्पताल में तैनात अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्साधिकारी ऐसे मरीजों को उपचार दिलाने में तैनात हैं।
विज्ञापन

अक्तूबर माह में मौसम में बदलाव आते ही जोगिंद्रनगर अस्पताल में वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सर्द मौसम में अस्पताल में रोजाना 150 से अधिक मरीज मौसमी बीमारियों से संबंधित उपचार लेने पहुंच रहे हैं। आयुर्वेद विभाग से सेवानिवृत्त डाॅ. अनिल चौहान और सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट राम लाल वालिया ने बताया कि सर्दियों में सांस के मरीजों की संख्या मिलती है। स्थायी नियुक्ति होने तक यहां प्रतिनियुक्ति पर ही सप्ताह में दो दिन मेडिसन विशेषज्ञ की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
उधर, सीएमओ मंडी डाॅ. नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का क्रम जारी है। मेडिसन विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
बॉक्स
केस स्टडी
जोगिंद्रनगर निवासी मोहित ने बताया कि सांस की दिक्कत हुई तो वे जोगिंद्रनगर अस्पताल में डॉक्टर को चेक करवाया। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिसन विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह दी गई। अब मंडी या कांगड़ा जाना होगा।
विज्ञापन


65 वर्षीय मुनीष कुमार ने बताया कि सर्दी की दस्तक के साथ सांस लेने में भारीपन महसूस हुआ तो अस्पताल पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिसन विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह दी गई। स्थानीय मेडिसन विशेषज्ञ की तैनाती जरूरी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें