13वें दिन भी जारी रही क्रमिक भूख हड़ताल, 7 को जोगिंद्रनगर में होगी जन आक्रोश महारैली
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। केंद्रीय आयुष विभाग के क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र (आरसीएफसी) को जोगिंद्रनगर से सोलन स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। विरोध में चौंतड़ा क्षेत्र की 30 से अधिक पंचायतें उतर आई हैं। नेशनल हाईवे से सटी ढेलू, चौंतड़ा, सैंथल, तलकेहड़, ऐहजू और टिकरी मुशहैरा सहित कई पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार और आयुष विभाग के खिलाफ विरोध प्रस्ताव पारित किए हैं। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जोगिंद्रनगर में औषधीय पौधों की खेती, संवर्धन और संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद केंद्र को सोलन स्थानांतरित करना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। मंगलवार को भूख हड़ताल के 13वें दिन महिलाओं ने मोर्चा संभाला। टिकरू पंचायत की दीपा कुमारी, मचकेहड़ की रजनी देवी, पातकू की लीला देवी और सारली की कुसमा देवी भूख हड़ताल पर बैठीं।
रामलीला मैदान में माकपा नेता कुशाल भारद्वाज और संघर्ष समिति अध्यक्ष गुरुशरण परमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्थानीय नेताओं, सेवानिवृत्त अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने आयुष विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। संघर्ष समिति और जनप्रतिनिधियों ने सात सितंबर को जोगिंद्रनगर के रामलीला मैदान में जन आक्रोश महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया। समिति के अनुसार, रैली में पांच हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है।
बैठक में युवा नेता सोमेंद्र ठाकुर, जिला भाजपा सदस्य मेघना ठाकुर, जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर, पूर्व जिप सदस्य अंजना ठाकुर, ममता भाटिया, प्रधान शूचिका, वरिष्ठ रोटेरियन अजय ठाकुर सहित अन्य मौजूद रहे।