बालीचौकी (मंडी)। सराज घाटी के मध्य सराज का आपदा के छह दिनों के बाद भी संपर्क कटा है। प्रभावित 18 पंचायतों में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा है। यहां बिजली, पानी, दूरसंचार और सड़क सुविधा ठप हो गई है। दर्जनों घरों में दरारें आई हैं। एक दर्जन से अधिक मकान पूरी तरह से ढह गए हैं। गांव चैड़ा खड्ड में अधिकांश घरों में दरारें आने से लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय निवासी पूर्णचंद, नंद लाल, हेम सिंह, काहन सिंह, केशव राम आदि ने बताया कि 30 जून को बारिश से उनके खेत बह गए हैं।
लगातार हो रही बारिश से उनके खेत की जमीन धीरे-धीरे खिसकने लगी है। खड्ड के दोनों तरफ बड़े-बड़े नाले आने से सेब बगीचों सहित जमीन भी क्षतिग्रस्त हुई है। जरा सी बारिश होने पर लोग रातभर जाग रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। वहीं थाना पंचायत के बजैहल, थाना, शिवा धवास, शिल्लीबागी सहित अन्य गांवों में दर्जनों लोग बेघर हो गए हैं। स्थानीय निवासी देवेंद्र, भाग सिंह, किशोर कुमार आदि ने बताया कि खाने पीने का सामान भी खत्म होने लगा है।
अगर जल्द ही सड़क व्यवस्था को बहाल नहीं किया तो स्थिति बहुत खराब हो सकती है। लंबाथाच से शिवा खड्ड सड़क बहाल होने के लिए एक माह का समय लग सकता है। कुकलाह सड़क बाखली से सराची तक बहाल होने लगी है। इधर उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि क्षेत्र में राहत कार्यों को गति दी जा रही है। सड़क बिजली, पानी को लेकर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
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