जोगिंद्रनगर मेला कारोबारियों को राहत, अभी नहीं हटेगा बाजार
मेले के अधिकारिक समापन के बाद अवधि बढ़ने से व्यापारियों में खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर/चौंतड़ा (मंडी)। राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर मेले में व्यापार करने के लिए पहुंचे कारोबारियों को प्रशासन ने राहत प्रदान करते हुए आगामी कुछ और दिन तक व्यापार करने की मोहलत दे दी है। ऐसे में अभी मेला स्थल से दुकानें नहीं हटेंगी। प्रदेश और बाहरी राज्य से कारोबार के लिए पहुंचे कारोबारी स्वेच्छा से कारोबार कर सकते हैं।
पांच दिवसीय देवता मेले के समापन के बाद शनिवार को फिर मेला मैदान में खरीदारी को लेकर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। इससे व्यापारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। शुरुआती तीन दिन में कारोबार न होने पर व्यापारियों की आजीविका पर संकट मंडराया था, वह अब पटरी पर लौटता हुआ दिख रहा है। करीब पांच सौ से अधिक कारोबारी मेला समिति की ओर से चिह्नित मेला स्थल पर कारोबार कर रहे हैं। इनमें हिमाचल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मेरठ से भी कारोबारी मेले में आजीविका कमाने पहुंचे हैं। मेले में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले वे तमाम उत्पाद उपलब्ध हैं जिनकी खरीदारी के लिए खूब भीड़ उमड़ रही है। मेले में हिमाचल के पारंपरिक व्यंजन कचौरी, सिड्डू और तिब्बतियों के पारंपरिक व्यंजन चोमीन, मोमो और चाट की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है।
राजस्थान से मेले में आजीविका कमाने पहुंचे कारोबारी सैजल, उत्तर प्रदेश से हैंडलूम के प्रोडक्ट बेच रहे कारोबारी मुस्ताक अहमद व पंजाब राज्य से आर्टिफिशियल क्रॉकरी बेच रहे सतेंद्र सिंह और मीनाक्षी ने बताया कि जोगिंद्रनगर मेले में ग्राहकों की खरीदारी पर उत्साह के चलते इस बार मेले में कारोबार अच्छा हुआ है। पहले महंगे प्लॉट बिकने से व्यापारी परेशान थे, लेकिन अब राहत मिली है।
मेला समिति के अध्यक्ष और एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि राज्य स्तरीय देवता मेले में कारोबारियों को आमदनी हो सके, इसलिए उन्हें कारोबार करने के लिए आगामी कुछ और दिनों की मोहलत मेला प्रशासन ने दे दी है। बताया कि कारोबारियों से कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। मेले में उमड़ने वाली भीड़ पर निगरानी के लिए पुलिस के जवानों की भी तैनाती रहेगी।