हाईकमान के फैसले पर टिकी उम्मीदवारों की निगाहें, गली चौराहों पर चर्चा का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम चुनाव नजदीक आते ही शहर के गली-मोहल्लों से लेकर चौराहों तक संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर किसी की नजरें पार्टी हाईकमान के फैसलों पर टिकी हैं, जबकि चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार फिलहाल खुलकर सामने आने से बच रहे हैं और अंदरखाते राजनीतिक आकाओं से संपर्क साध रहे हैं।
आरक्षण रोस्टर लागू होने के बाद कई पूर्व पार्षद चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं। ऐसे में वे अपने लिए सुरक्षित वार्ड तलाशने में जुटे हैं। नगर निगम बनने से पहले ग्राम पंचायत तुंग (भियूली) का प्रतिनिधित्व कर चुकी निर्मल वर्मा ने पिछली बार समखेतर वार्ड से जीत दर्ज की थी। अब उन्होंने भियूली क्षेत्र में अपना मकान बना लिया है, जो वर्तमान में पड्डल वार्ड का हिस्सा है। पड्डल वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित है, ऐसे में यहां से उनकी दावेदारी को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। वहीं, समखेतर वार्ड इस बार अनारक्षित होने से उनके सामने विकल्प खुले हुए हैं।
निर्मल वर्मा का राजनीतिक जुड़ाव संघ परिवार की पृष्ठभूमि से माना जाता है। हालांकि, उन्होंने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनका कहना है कि संगठन का जो भी निर्णय होगा, उसका वे पालन करेंगी।
उधर, पड्डल वार्ड का पूर्व में प्रतिनिधित्व कर चुकी नीलम शर्मा, जो 2016 में नगर परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं, उन्हें लेकर भी कांग्रेस खेमे में अटकलें तेज हैं। वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने के कारण उनके चुनावी मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। उनके पति पुष्पराज शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी के दिशा-निर्देशों और वार्डवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। इधर, नगर निगम के सबसे बड़े खलियार वार्ड में दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इस बार यहां मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। पूर्व महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने भी संकेत दिए हैं कि वे संगठन के फैसले के अनुसार ही आगे की रणनीति तय करेंगे। उनका वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित है।