मंडी में कार्यशाला में हुई चर्चा, स्थानीय उद्योगों की चुनौतियों एवं अवसरों पर भी हुआ मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। उद्योग विभाग की ओर से मंडी जिले में रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैंप) योजना के तहत वीरवार को जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की प्रगति, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की भूमिका पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मंडी के उद्योग विभाग के महाप्रबंधक जेआर अभिलाषी, जिला ग्रामीण विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक, मुख्य प्रबंधक एनएसआईसी लोकेश भाटिया उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक की ओर से संचालित यह योजना एमएसएमई मंत्रालय की महत्वपूर्ण सुधार आधारित पहल है। रैंप योजना का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता, तकनीकी सशक्तीकरण बढ़ाना है।
उद्योग विभाग की ओर से उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह सीमित ऋण प्रवाह, बाजार पहुंच और कम औपचारिक जैसी चुनौतियों का समाधान करते हुए नवाचार, डिजिटलीकरण और सतत उद्योग विकास को प्रोत्साहित करती है।
कार्यशाला के दौरान कामन फैसिलिटी सेंटर की भूमिका पर भी चर्चा की गई। स्थानीय उद्योगों की चुनौतियों एवं अवसरों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में 60 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें एमएसएमई से जुड़े कारीगर समूहों के प्रतिनिधि, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिभागी, एफपीओ/एफपीसी सदस्य एवं नवोदित उद्यमी शामिल रहे। संवाद
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