मंडी। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के बीच हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिक संगठनों ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) से जुड़ी लंबित विसंगतियों को दूर करवाने के लिए एकजुटता की अपील की है। संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन जेसीओ एवं ओआर हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन जगदीश वर्मा, मीडिया प्रभारी नायब सूबेदार अमृतलाल तथा कोषाध्यक्ष सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान ने कहा कि वर्तमान में पूर्व सैनिक अलग-अलग समूहों में बंटे हुए हैं, जिससे उनकी सामूहिक आवाज कमजोर हो रही है।
रविवार को जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग को केंद्र सरकार ने लागू किया, लेकिन इसके बाद उत्पन्न हुई विभिन्न विसंगतियां अब तक दूर नहीं हो सकी हैं। तीन वर्षों से इन जटिलताओं के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं, परंतु ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। कहा कि हाल ही में गठित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने विभिन्न संगठनों और केंद्रीय कर्मचारियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
यह पूर्व सैनिकों के लिए उपयुक्त समय है कि वे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में एकजुट होकर अपनी मांगों को आयोग के समक्ष रखें। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दीं तो उसके बाद संशोधन का अवसर सीमित हो जाएगा। कहा कि संगठन की ओर से वेतन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांगों के संबंध में अवगत कराया गया है। समय मिलने पर हिमाचल प्रदेश से एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से भेंट कर विस्तृत रूप से मुद्दे रखेगा। संवाद