गैहरा और समसौह पंचायतों के ग्रामीणों ने एसडीएम-बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। क्षेत्र की गैहरा और समसौह पंचायतों में आईआरडीपी चयन को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पात्र परिवारों की अनदेखी कर आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को सूची में शामिल किया गया। इस संबंध में ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र गौतम और बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर पात्रता के आधार पर दोबारा जांच की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार कमलेश कुमार 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं, जबकि पवन कुमार की पत्नी गंभीर रूप से बीमार हैं। सुभद्रा देवी, कृष्ण चंद, संजय कुमार और रमेश कुमार समेत कई लोग दिव्यांग, गरीब या दिहाड़ी मजदूर हैं लेकिन उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कुछ चयनित परिवारों के पास वाहन, बड़े मकान और अन्य संपत्तियां होने का दावा करते हुए पात्रता की जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन किया जाएगा।
समसौह पंचायत प्रधान विद्यादेवी ने कहा कि चयन प्रशासन की ओर से गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हुआ है और पंचायत की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ पात्र गरीब, दिव्यांग और बीमार परिवारों के छूटने की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। कार्यकारी बीडीओ नियोन धैर्य शर्मा ने कहा कि पंचायत में जाकर जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने वालों को योजना में शामिल करने और अपात्रों को हटाने की कार्रवाई होगी।