धर्मपुर (मंडी)। क्षेत्र के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं ने नाम पर लोगों को महज आश्वासन और घोषणाएं ही मिली हैं। विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के तहत 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर और नागरिक अस्पताल संधोल में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। हालात यह है कि क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए मंडी, टांडा और सुंदरनगर का रुख करना पड़ रहा है। मीलों का सफर तय कर किराये के रूप में सैकड़ों रुपये खर्च करने को क्षेत्र के लोग विवश हैं।
वर्तमान में क्षेत्र के अस्पतालों में कुल 9 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जिनमें नागरिक अस्पताल संधोल में दो, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर में दो, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मढ़ी में एक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डरवाड़ में एक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सज्याओपिपलू में दो, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चोलगढ़ में एक पद रिक्त है। पैहड, चोलगढ़ में न तो फार्मासिस्ट है और न ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चोलगढ़ व स्योह में स्टाफ नर्स नहीं है। नागरिक अस्पताल संधोल में रेडियोग्राफर का पद रिक्त चला हुआ है। संधोल और टिहरा के अस्पतालों में स्वीपर के पद रिक्त हैं। जिस कारण मरीजों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर में उचित स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 के करीब ओपीडी होती है। क्षेत्र के लोगों संजीव कुमार, दलीप सिंह, गायत्री दत्त शर्मा, विकास, राजकुमार, विजय कुमार, भवानीदत्त, रूमा देवी, धर्मपुर के प्रधान ठाकर दास, भरौरी के प्रधान विनोद कुमार, समौड़ के प्रधान प्रताप सकलानी, लौंगणी के पूर्व प्रधान देशराज, धर्मपुर के पूर्व प्रधान बिहारी लाल, बिंगा के पूर्व उपप्रधान रवि मंडयाल ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। उधर, बीएमओ संधोल रमेश चंद ने कहा कि क्षेत्र के अस्पतालों में जो भी पद रिक्त चले हुए हैं। उनके बारे में उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्ति की उम्मीद है।