पधर (मंडी)। क्षेत्र के मेलोग, शिलग, भटोग, पाली, भराड़ा, कुलांदर और मसेरन के ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। प्रक्रिया में कथित पारदर्शिता के अभाव और बिना जन-सहमति लिए निर्णय के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता और परामर्श के बाद ही कोई कदम उठाया जाए।
ग्रामीणों में योग राज रावत, अपना देवी, रीता, मनसा, हेमलता, वनिता, कृष्णा, रीता, गौमंती, संजीव कुमार, सरला, हेमलता, शीला, राजकुमार, नीलू, मीनाक्षी, कुंता का कहना है कि विद्युत बोर्ड ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बिना पूर्व सूचना, बिना ग्राम सभा की सहमति और बिना किसी जन-जागरूकता अभियान के शुरू कर दी।
जब लोगों ने शांतिपूर्वक केवल जानकारी चाही, तो उन्हें मीटर के लाभ समझाने के बजाय धमकी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। कुछ स्थानों पर रात के समय मीटर बदले जाने से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा हुई है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई जाए।