मंडी। हिम-आंचल पेंशनर्स संघ मंडी जिला इकाई के सदस्यों ने शिमला महालेखाकार कार्यालय भेजे पेंशन संशोधन के मामलों में कई वर्षों से कोई कार्रवाई न होने पर दस्तावेजों के गुम होने की आशंका जताई है। पनारसा औट में जिला प्रधान वली ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया गया।
इससे पहले बैठक में हाल ही में चल बसे पेंशनर्स साथियों की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद पेंशनर्स की मांगों और समस्याओं पर मंथन किया गया। सदस्यों में पेंशन संशोधन के परिणामस्वरूप मिलने वाले एरियर की बकाया राशि, लीव-इनकैशमैंट, ग्रैच्युटी, कम्युटेशन का बकाया, महंगाई भत्ता का 21 महीने का बकाया, देय महंगाई भत्ता की किस्तें आदि का भुगतान न होने पर नराजगी जताई।
पेंशनर्स ने विभिन्न विभागों में उनके उपचार पर खर्च भारी राशि के चिकित्सा बिल लंबित होने पर भी चिंता जताई और जल्द सभी लंबित आर्थिक मांगें शीघ्र पूरी करने की सरकार से मांग की। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष योग राज शर्मा, हमीरपुर जिला प्रधान केसी गौतम और जिला मंडी के पदाधिकारी और पेंशनर्स मौजूद रहे।
केसी गौतम बोले-2016 के बाद के 50 फीसदी मामले निपटाए
संघ के हमीरपुर जिला के प्रधान केसी गौतम ने बताया कि महालेखाकार कार्यालय में जनवरी, 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन संशोधन के लगभग 50 प्रतिशत मामले निपटाए जा चुके हैं। अगले छह महीनों में सभी का निपटारा हो जाएगा। जनवरी, 2016 के वाद सेवानिवृत्त पेंशनरों के लगभग सभी मामले अपडेट हैं।