जोगिंद्रनगर (मंडी)। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ चौंतड़ा प्रथम की रविवार को वर्चुअल बैठक हुई। इसमें नई क्लस्टर प्रणाली को प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को तहस नहस करने वाला कदम बताया। कहा कि इस नई प्रणाली से हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था उन्नति के स्थान पर अवनति की ओर अग्रसर होगी, क्योंकि 500 मीटर दूर प्राथमिक स्कूल के बच्चों को मॉर्निंग असेंबली, मध्याह्न भोजन में लाने ले जाने में ही बहुत सा समय बर्बाद हो जाएगा। इससे मध्याह्न भोजन योजना में कार्य कर रहे लोगों की नौकरी भी संकट में पड़ जाएगी। संघ के प्रधान संजय ठाकुर व महासचिव कपिल राव ने एक ही पाठशाला प्रबंधन समिति का निर्माण को भी संघ ने व्यावहारिक नहीं बताया, क्योंकि हर विद्यालय की अपनी-अपनी जरूरतें व समस्याएं होती हैं। केवल हितधारक एसएमसी ही उसे सही तरीके से हल कर सकती है। कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट और बीएड प्राथमिक शिक्षक तो छठी से 12वीं तक की कक्षाओं को पढ़ाने में सक्षम हैं लेकिन बीएड किए हुए अध्यापक प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजने की बात तर्कसंगत नहीं क्योंकि उनका प्रशिक्षण किशोरावस्था वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए हुआ है। ऐसे में यदि सरकार इस निर्णय पर आगे बढ़ती है तो यह बच्चे के शिक्षा के मौलिक अधिकार अधिनियम अनुच्छेद 21-क का उल्लंघन होगा और न्यायालयों का बोझ ही बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि गुणात्मक शिक्षा के लिए यदि सरकार गंभीर है तो एनटीटी और डीएलएड को पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए नियुक्त करें।
संघ ने कहा कि सुधारों की आड़ में प्राथमिक शिक्षकों को प्रधानाचार्यों के अधीन करने का प्रयास सही नहीं है और इसका हर स्तर पर विरोध होगा। संघ ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इन आदेशों को निरस्त करें। बैठक में पीटीएफ प्रधान संजय ठाकुर, महिला मोर्चा की प्रधान कुंता राही, नीलम कुमारी, सुजाता कुमारी, सीएचटी बलबीर, अमर सिंह, पीटीएफ के मीडिया प्रभारी मनोज कुमार, सुशील मंडोत्रा और अन्य मौजूद रहे।