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Mandi News: जोगिंद्रनगर में लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी, ओपन सर्जरी से मिलेगी राहत

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पत्थरी, अपेंडिक्स, हर्निया, ब्रेस्ट के ऑपरेशनों के लिए खरीदी जाएगी 40 लाख की मशीनरी
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संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में लेप्रोस्कोपी से मेजर शल्य चिकित्सा शुरू करने की तैयारी चल रही है। अस्पताल प्रशासन से भी इस संबंध में चर्चा कर योजना का प्रारूप अस्पताल के शल्य विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अभिनव ने तैयार करना शुरू कर दिया है। इस पर अगर स्वास्थ्य विभाग की सहमति बनती है तो स्थानीय अस्पताल में पत्थरी, अपेंडिक्स, हर्निया और ब्रेस्ट से संबंधित ऑपरेशन को ओपन सर्जरी से बड़ी राहत मिलेगी।
अनुमानित 30 से 40 लाख रुपये का बजट लेप्रोस्कोपी मशीनरी पर खर्च करने की योजना का प्रारूप बनाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन से इस विषय में विचार विमर्श करने के बाद जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को योजना का प्रारूप सौंपा जाएगा। बजट के प्रावधान होने के बाद अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में लेप्रोस्कोपी से मेजर शल्य चिकित्सा के उपकरण और संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसका लाभ ओपन सर्जरी के मरीजों को मिलेगा।
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अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 40 लाख रुपये के संसाधन उपलब्ध करवा रखे हैं। एनेस्थीसिया की मशीनरी, मरीजों के स्वास्थ्य जांच के लिए मॉॅनिटर, शल्य चिकित्सा के लिए उपकरण के अलावा दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात कर रखे हैं। ओटी में बेहोश करने की मशीन भी मौजूद है और लेप्रोस्कोपी के लिए अगर उपकरण उपलब्ध हो जाती है तो विभिन्न प्रकार के मेजर ऑपरेशन भी कम समय में पूरे होंगें। अस्पताल में निशुल्क लेप्रोस्कोपी की सुविधा मिलने पर मरीजों को भी 40 से 50 हजार के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। उधर, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के शल्य विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अभिनव ने बताया कि लेप्रोस्कोपी की सुविधा शुरू होते ही मरीजों को टांडा व नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में उपचार से भी राहत मिलेगी। मरीजों के जख्म भी जल्द भरेंगें।
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अस्पताल में मरीजों के उपचार, शल्य चिकित्सा के अलावा मरीज हित में विशेषज्ञ चिकित्सकों के तैयार प्रोजेक्टों को धरातल में उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य उपकरणों के लिए बजट का प्रावधान होते ही यह सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएगी।
-डॉ. रोशन लाल कौंडल, एसएमओ, जोगिंद्रनगर अस्पताल
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