मंडी। दीपावली पर्व पर पटाखों और आग लगने की घटनाओं में झुलसने वालों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में विशेष बर्न यूनिट तैयार किया गया है। हर वार्ड में मरीज की हालत को देखते हुए बेड आरक्षित किए गए हैं।
सर्जिकल वार्ड में विशेष तौर पर दस बेड का बर्न यूनिट बनाया गया है। साथ ही मरीजों को उपचार मुहैया करवाने के लिए एक चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती करवाई है।
बर्न यूनिट में पर्दे, जलने संबंधी दवाइयों व अन्य का प्रावधान किया गया है ताकि तुरंत मरीज को उपचार दिया जा सके। बर्न यूनिट एक विशेष चिकित्सा सुविधा है जो गंभीर रूप से जले हुए मरीजों के इलाज के लिए समर्पित होता है। यह आग, रसायन, बिजली या अत्यधिक ठंडक से लगी जलन की चोटों से प्रभावित लोगों को व्यापक देखभाल प्रदान करती है जिसमें घाव प्रबंधन, दर्द नियंत्रण, संक्रमण की रोकथाम और शारीरिक व भावनात्मक पुनर्वास शामिल है। यह यूनिट जले हुए रोगियों को गहन देखभाल प्रदान करती है, जिसमें विशेष बर्न ड्रेसिंग और उन्नत सर्जिकल तकनीकें शामिल हैं।
ऐसे करें बचाव
हाे सके तो आतिशबाजी जलाने से परहेज कर प्रदूषण रहित दीपावली मनाएं। बच्चों को आतिशबाजी जलाते हुए घर के बड़े लोगों को उनके साथ रहना चाहिए ताकि कोई अनहोनी घटना न हो। क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात डॉ. दुष्यंत ठाकुर ने बताया कि अगर आतिशबाजी जलाते हुए बच्चे या परिवार के अन्य सदस्य झुलस जाते हैं तो तुरंत जले हुए हिस्से पर ठंडा पानी डालें, शरीर अधिक झुलसने पर शीघ्र नजदीकी अस्पताल पहुंच कर उपचार लें। अस्पताल दूर होने पर जले हुए भाग को पानी से साफ कर उस पर पट्टी बांधे। आंखों के झुलसने पर तुरंत आंखों को पानी से साफ कर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अपनी मर्जी से कोई भी दवाई आंखों में न डालें। चिकित्सक की सलाह के बाद ही उपचार शुरू करें।
दीपावली के दौरान अस्पताल में एक चिकित्सक के साथ पैरामेडिकल स्टाफ, सुरक्षा कर्मी व नर्सिंग स्टाफ तैनात रहेगा। आपातकालीन घटनाओं के चलते संबंधित वार्डों में अन्य चिकित्सकों को ऑन कॉल पर बुलाया जाएगा।
-डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी