नगर परिषद जोगिंद्रनगर के विकास कार्यों में अब राजनीतिक दखल पर उपाध्यक्ष के साथ पार्षद भी तलख हो गए हैं। करीब छह माह पहले स्वीकृत विकास कार्यों को धरातल में न उतारने पर नगर परिषद में खींचतान बढ़ गई है। उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने दो टूक कहा कि अगर हाउस में स्वीकृत विकास कार्यों को जल्द धरातल में नहीं उतारा तो वह नगर परिषद के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ पार्षदों व वार्डवासियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शहरी विकास विभाग के द्वारा स्वीकृत बजट के विकास कार्यों को आबंटित करने में भी धांधली की जा रही है। इससे अधिकांश वार्डों के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। पक्के रास्तों के निर्माण का कार्य ठप पड़ा है, जबकि स्वच्छता से संबंधित शौचालय के कार्यों को भी रफ्तार नहीं मिल पाई है। वार्डों में बिजली का कार्य समय पर न होने से अंधेरा पसरा हुआ है। उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग के मंत्री और मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद से भी विकास कार्यों पर बनाए जा रहे राजनीतिक दबाव और लापरवाही की शिकायत करेंगें।
इधर नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता विपन से मिली जानकारी के अनुसार कुल 11 प्रकार के अलग-अलग विकास कार्यों के लिए 45 लाख रुपये का बजट खर्च करने का प्रारूप उनके द्वारा तैयार कर लिया गया है। अधिकारिक स्वीकृति मिलने के बाद ही वह विकास कार्यों को धरातल में उतारेंगे। इसके लिए उन्होंने अपनी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है।
नगर परिषद जोगिंद्रनगर के जिन विकास कार्यों के लिए हाउस में स्वीकृती मिली है उन्हें धरातल में उतारने को लेकर कार्यालय से अनुमति प्रदान कर दी गई है। नगर परिषद के सभी वार्डों में एक समान विकास हो, इसके लिए पार्षदों के द्वारा दिए सुझावों पर अनुमति प्रदान की जा रही है।
-आदित्य चौहान, कार्यकारी नगर परिषद, जोगिंद्रनगर