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मंडी में रेहड़ी-फड़ी धारकों को दी जाए स्थायी मार्केट

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मंडी में भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता स्थापना दिवस में भाग लेते हुए। - फोटो : Mandi
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मंडी। भारतीय मजदूर संघ ने शुक्रवार को मंडी में 66वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर वक्ताओं ने रेहड़ी फड़ी धारकों के लिए छोटी काशी में स्थायी मार्केट की मांग रखी।
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सरकार से उम्मीद जताई है कि आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मजदूरों का मूल वेतन 8 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। स्थापना दिवस पर आयोजन सेरी चाणनी के नजदीक हुआ। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।
जिला मंडी के प्रधान हेमराज ने बीएमएस के पूर्व एवं वर्तमान स्वरूप पर मजदूरों को संबोधित किया। कहा कि भामसं दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बन कर उभरा है। संगठन देश और मजदूरों के विकास के लिए कार्य कर रहा है।
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प्रधान ने मजदूरों की विभिन्न मांगों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए स्थायी स्थान दिया जाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहले रेहड़ी फड़ी की दुकानों के लिए दो करोड़ की घोषणा की है। भामसं जिला मंडी ने सरकार और प्रशासन से प्रार्थना की है कि मजदूरों के कल्याण के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
बैठक में जिला प्रधान हेमराज, रेहड़ी फड़ी यूनियन के प्रधान सुंदरलाल शर्मा, फोरलेन के प्रधान दलीप ठाकुर, आशा कार्यकर्ता जिला प्रधान सुनीता, मुन्नी लाल, शालीग्राम, प्रभुनाथ, मस्तराम, ज्ञान सिंह, प्रकाश चंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
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