गऊओं से भरी गाड़ी रोकने के बाद वीरवार को हुआ था विवाद, बरपा था हंगामा
शुक्रवार को गो रक्षक सुमित ने लगाए मारपीट के आरोप, शनिवार को थाना पहुंचे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। नेरचौक बाजार स्थित बीडीओ कार्यालय के पीछे एक गो रक्षक की पिटाई मामले में स्थानीय लोग भड़क गए हैं। शनिवार शाम को लोगों ने बल्ह थाने का घेराव किया और गो रक्षक की पिटाई मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में ग्रामीणों ने पुलिस थाना बल्ह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
दरअसल वीरवार शाम को रत्ती में स्थानीय लोगों ने गायों से भरी एक गाड़ी पकड़ी। सूचना मिलने पर रत्ती पंचायत प्रधान दीक्षित नारंग भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के देरी से पहुंचने पर गाड़ी सवार और मौके पर मौजूद लोगों के बीच लड़ाई झगड़ा हो गया। इससे गाड़ी में सवार लोगों को चोटें आ गई। गाड़ी सवार लोगों के पक्ष में उनके गांव के कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। यहां वीरवार रात को हंगामा बरपता रहा। यह मामला पुलिस थाना तक पहुंचा तो यहां भी गाड़ी सवार लोगों के गांव के कुछ लोग व महिलाएं पहुंच गई। गोरक्षक दीक्षित नारंग, चंदन व शक्ति ने आरोप लगाया है कि पुलिस थाना बल्ह परिसर में कुछ लोगों व महिलाओं ने उनके साथ अभद्रता करने के साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करने के बजाए गाड़ी को 12 गऊओं के साथ भेज दिया।
उधर, गोरक्षक सुमित राजपूत का आरोप है कि बीते शुक्रवार को बीडीओ कार्यालय नेरचौक के पास उनकी दुकान में आकर कुछ ग्रामीणों ने उससे मारपीट की। इस घटना में आरोपी उसकी सोने चेन भी छुड़ाकर ले गए। सुमित ने आरोप लगाए हैं कि गोरक्षा करने पर उनके साथ मारपीट की गई है।
शनिवार को इसी मामले में भड़के ग्रामीणों ने गोरक्षक सुमित राजपूत के समर्थन में आकर पुलिस थाना बल्ह का घेराव कर दिया। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि एसएचओ बल्ह दबाव में आकर काम कर रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। दूसरे पक्ष का कहना है कि यदि कहीं गऊ माता की अवैध तस्करी हो रही तो इसके लिए कानूनन कार्रवाई की जानी चाहिए न कि खुद ही मारपीट पर उतारू होना चाहिए।
वहीं, एसएचओ बल्ह पुरुषोत्तम धीमान ने बताया कि दोनों तरफ से शिकायतें मिली हैं। सुमित की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत मारपीट को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है। निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है।