जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में चरस तस्करी के मामले में गिरोह का पर्दाफाश होते ही अब मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस जुट गई है। पुलिस की गिरफ्त में आए तीन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। चरस तस्करी से अर्जित संपत्ति और आलीशान वाहनों के मालिक एक ओर आरोपी का नाम पुलिस के रिकॉर्ड में शामिल होने के बाद गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। 28 फरवरी और 3 मार्च को पुलिस ने पांच किलो से अधिक चरस बरामद कर अब मुख्य सरगना की शिनाख्त कर उसे दबोचने को लेकर जाल बिछा दिया है।
चौहारघाटी से संबंध रखने वाले तस्करों में तीन आरोपियों गंगा राम, मनी राम और शेर सिंह से गहन पूछताछ के बाद इस मामले से जुड़े अन्य तस्करों के नाम भी सामने आए हैं। अंतरराज्यीय चरस तस्कर गिरोह से भी तार जुड़ने की आशंका पर पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों को सूचित कर दिया है।
जोगिंद्रनगर पुलिस ने 28 फरवरी को तीन किलो चरस बरामद कर पहले तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेला था। पहली मार्च को स्थानीय न्यायालय से पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद जब सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपी गंगा राम के घर पर दो किलो 109 ग्राम चरस बरामद की गई। चरस की कीमत करीब 10 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने कहा कि चरस तस्करी में नामजद गिरोह की संपत्ति की जांच भी पुलिस करेगी। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी दबोचने में पुलिस जुटी हुई है।