मंडी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सक्खू की 28 अक्तूबर को पेंशन और चार फीसदी डीए देने की घोषणा के बावजूद एचआरटीसी के पेंशनरों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। इससे पेंशनरों में सरकार के प्रति रोष है। एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन मंडी इकाई के प्रधान अनूप कपूर, संगठन सचिव सुभाष शर्मा और महासचिव रोशन कटोच ने कहा कि पेंशन न मिलने से इस बार दिवाली भी फीकी ही रही।
उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने अपने दिवंगत पिता की एचआरटीसी में सेवाओं को याद करते हुए पेंशनरों को 28 अक्तूबर को पेंशन और चार फीसदी डीए के भुगतान की घोषणा की थी। मगर आज तक डीए तो दूर मासिक पेंशन का भी भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने निगम प्रबंधन पर मुख्यमंत्री की घोषणा के आदेशों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया।
पेंशनरों ने कहा कि अधिकारियों की वजह से इस बार बुजुर्ग पेंशनरों के त्योहार फीके रहे। पेंशनर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें सरकारी पेंशनरों के अनुरूप समय पर पेंशन और अन्य लाभ दिए जाएं। पेंशन के स्थायी हल के लिए बजट में समुचित राशि अलग से आवंटित की जाएं। तीन साल से लंबित संशोधित पेंशन के एरियर की 50,000 रुपये की पहली किस्त का दूसरी किस्त का भुगतान किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरटीसी प्रबंधन और सरकार पेंशनरों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर उनकी तरफ से की गई घोषणाओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।