जोगिंद्रनगर (मंडी)। राजस्व विभाग में तैनात पटवार-कानूनगो महासंघ के स्टेट डेलीकेट कानूनगो सतीश भाटिया ने कहा कि सरकार की धमकियों का खौफ कर्मचारियों को नहीं है। वह अपने हितों की जंग लड़ने के लिए आमने-सामने की लड़ाई भी लड़ने को तैयार हैं।
स्टेट कैडर में शामिल करने से पहले वेतन भत्ते भी इसी तर्ज पर मिलें तो पटवारी-कानूनगो भी सरकार की अधिसूचना को मानने को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। वह जोगिंद्रनगर में पटवार कानूनगो महासंघ के सम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पदोन्नति के 20 प्रतिशत कोटे में छूट और पटवार व कानूनगो भवनों के आधुनिकीकरण के साथ राजस्व कार्य निपटाने के लिए आर्थिक तौर पर भी राजस्व विभाग बजट का प्रावधान करता है तो वह अपने कार्यों को और भी बखूबी से निभाने के लिए वचनबद्ध होंगे। सतीश भाटिया ने उपस्थित कानूनगो, पटवारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुल 765 कानूनगो मुहालों में 185 सेटलमेंट बंदोबस्त कानूनगो की मौजूदा समय में पदोन्नति सात प्रतिशत निर्धारित की गई है जबकि सीनियर असिस्टेंट ग्रेड वन की पदोन्नति औसतन 120 प्रतिशत रही है।
इससे क्षेत्रीय कानूनगो के नायब तहसीलदार पदोन्नति को लेकर भी बाधा बन रही है। अगर उनकी मांगों को नहीं सुना गया तो वह सड़कों में उतरकर इंसाफ की जंग लड़ेंगे।
संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रधान रणजीत सिंह ने कहा कि बीते करीब एक सप्ताह से प्रदेश भर में अपनी मांगों को लेकर पटवारी कानूनगो हड़ताल पर उतरे हैं लेकिन उन्हें सुनने की बजाए धमकाने का प्रयास भी उच्चाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।