मंडी। पिछले 75 वर्षों से स्थापित उप डाकघर गुरुकोठा को लेदा स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में कोठी, बैरी, लुहाखर, बरस्वाण, सिध्याणी, खिलड़ा, धारंडा आदि पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर चीफ पोस्टमास्टर जनरल शिमला को प्रेषित किया है। वहीं, दर्जनों गांवों के हजारों लोगों ने हस्ताक्षर कर इस स्थानांतरण का कड़ा विरोध जताया है।
अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव व राज्य प्रवक्ता चमन राही ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पंचायतों की मांग को ध्यान में रखते हुए उप डाकघर गुरुकोठा को लेदा स्थानांतरण से रोका जाए। उन्होंने बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि इस मामले को लोगों की सुविधा के अनुरूप सुलझाया जाए।
चुनाव में लिए गए वोटों का फर्ज निभाए। राही ने कहा कि बल्ह विधायक दिल्ली जाकर मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत से मिलें और मामला भारत सरकार के समक्ष रखें ताकि समय रहते जनभावनाओं के अनुरूप उचित निर्णय हो सके।
उपभोक्ताओं ने प्रवर अधीक्षक वृत्त मंडी को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उप डाकघर गुरुकोठा को स्थानांतरित किया गया तो करोड़ों रुपये निकालकर बैंकों में जमा करवा दिए जाएंगे और डाकघर में लेन-देन बंद कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों में दलीप सिंह, प्रेम सिंह, यशोधा देवी, हिमाचली देवी, सरोज कुमारी, घनश्याम आदि ने कहा कि स्थानांतरण से 400 से अधिक स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, मजदूरों, कर्मचारियों सहित पैन कार्ड व आधार कार्ड अपडेट करवाने वाले लोगों को पते बदलवाने की मजबूरी होगी।
चमन राही ने कहा कि गुरुकोठा में डाकघर भवन निर्माण के लिए जमीन की नकल व ततीमा आदि दस्तावेज पहले ही जमा करवाए जा चुके हैं और भारत सरकार, मंडी सांसद तथा बल्ह विधायक अपनी निधि से निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवाकर बल्ह क्षेत्र की हजारों की आबादी को राहत दें।