मंडी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में 18.98 लाख रुपये का मुआवजा 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए हैं। यह राशि बीमा कंपनी को अदा करनी होगी। मां ने बेटे की मौत के बाद 50 लाख रुपये की मुआवजा की मांग याचिका के जरिये अदालत के समक्ष की थी।
मामले के तथ्यों के अनुसार याचिका में रजनी देवी ने दावा किया था कि उनके 23 वर्षीय बेटे जतिन शर्मा की मौत 5 अगस्त 2022 की रात करीब 2:50 बजे एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। जतिन उस समय अपने दोस्त की बाइक पर सुंदरनगर से धनोटू की ओर जा रहा था। सामने से आ रहे महिंद्रा पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में जतिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक जतिन शर्मा सुंदरनगर में कस्टमर सर्विस एसोसिएट के पद पर कार्यरत था और 15,318 प्रति माह वेतन प्राप्त कर रहा था। मां ने अदालत में कहा कि वह अपने बेटे पर पूरी तरह निर्भर थीं।
वाहन चालक परमजीत और मालिक अशोक ठाकुर ने अदालत में कहा कि दुर्घटना मोटरसाइकिल चालक की गलती से हुई है। बीमा कंपनी ने यह तर्क दिया कि वाहन चालक के पास मान्य लाइसेंस नहीं था। न्यायालय में पेश दस्तावेजों और गवाही से यह साबित हुआ कि दुर्घटना चालक परमजीत की लापरवाह ड्राइविंग से हुई थी। ट्रिब्यूनल ने मृतक की मासिक आय 12 हजार रुपये मानी और 40 प्रतिशत भविष्य की आय वृद्धि को जोड़ते हुए कुल हर्जाना 18.98 लाख रुपये तय किया। संवाद